क्या यह सही है कि पेड़-पौधे जीवित चीज़ माने जाते हैं ? - Yunus Khan

@ राष्ट्रधर्म सेवा संघ ! क्या यह सही है कि पेड़-पौधे जीवित चीज़ माने जाते हैं ?
# क्या यह सही है कि पेड़-पौधों में तंत्रिका तंत्र भी पाया जाता है ?
# क्या यह सही है कि पेड़-पौधों में नर और मादा भी होते हैं ? और उनमें अनुभूतियां भी होती हैं ? # क्या पेड़-पौधों पर अन्य करोड़ों जीव भी होते हैं ?
# अगर यह सब सही है तो फिर मनुष्य को क्या अधिकार है कि वह हरे पेड़ काटकर अपने लिये फ़र्नीचर बनाये ?
# साग-सब्ज़ी काटकर जीवों की हत्या करे और उन्हें खाये ?
आप कहते हैं -
सभी उसी परमात्मा के जीव हैं, चाहे वह कीडा हो या हाथी, परमात्मा के लिए इनमें कोई अन्तर नहीं है, इसलिए सभी जीवों पर दया किजिए।
आपकी दया से ये सब जीव क्यों महरूम रह जाते हैं ?
मेरा यह कमेंट है इस जगह पर
http://vedquran.blogspot.com/2010/08/ramazan-anwer-jamal.html देखिये
Labels: जीवों की हत्या
5 Comments:
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धनयवाद ...
आप की अपनी www.apnivani.com
सभी उसी परमात्मा के जीव हैं, चाहे वह कीडा हो या हाथी, परमात्मा के लिए इनमें कोई अन्तर नहीं है, इसलिए सभी जीवों पर दया किजिए।
जीवन में भूल-चूक कर भी अपनी इन्द्रियों के बहाव में मत बहो
आपको अपने सभी प्रश्नों के उत्तर समीप के आर्यसमाज मंदिर में मिल सकते हैं. पहले इन सभी प्रश्नों को लेकर किसी विद्वान् से मिल लीजिये. जब घर के पास ही समाधान हो तो काहे इधर-उधर भटक रहे हैं? बाल-बुद्धिवाले प्रश्नों से आप अपनी ही हँसी बनवायेंगे. इसलिये पहले समीप में ही सुलझ लीजिये.
ख़ाली-पीली अहंकार क्यों ?
आदरणीय भाई पी.सी.गोदियाल जीने हकनामा ब्लॉग पर दूसरे ब्लोगर्स के कमेंट्स को उलटी दस्त की उपमा दी है जोकि सरासर अनुचित है और अहंकार का प्रतीक भी । अहंकार से और अशिष्ट व्यवहार से दोनों से ही रोकती है भारतीय संस्कृति जिसका झंडा लेकर चलने का दावा करते है, मुझे लगता है कि दावा सच नहीं है ।
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